राजनांदगांव। नगर पालिक निगम राजनांदगांव के बजट में प्रावधान के अनुसार शहर के उद्यानों के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया की जा रही है। उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उद्यानों में समय-समय पर आवश्यक मरम्मत एवं रख-रखाव के कार्य भी किए जा रहे हैं। निगम द्वारा सार्वजनिक स्थलों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जा रही है। त्रिवेणी परिसर के पास मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना अंतर्गत निर्मित दुकानों का आबंटन किया गया है।
आबंटित दुकानों को संबंधित हितग्राहियों द्वारा संचालित किए जाने की प्रक्रिया के तहत व्यवस्था की जा रही है। वर्तमान में जिन दुकानों का संचालन शुरू नहीं हुआ है, वे खाली हैं। बुढ़ासागर की रेलिंग चोरी होने के मामले में नगर निगम द्वारा अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और संरक्षण के लिए निगम द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मोतीपुर वार्ड क्रमांक 3 में नगर निगम की सफाई टीम द्वारा प्रतिदिन साफ-सफाई कर कचरे का उठाव किया जा रहा है। रहवासियों को भी कचरा सड़क अथवा नाली में नहीं डालने तथा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली स्वच्छता दीदियों को कचरा देने के लिए समझाईश दी जा रही है। इससे वार्ड में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
शहर में सड़क और चौक-चौराहों पर बैठे एवं घूमने वाले मवेशियों को पकडऩे के लिए निगम का मवेशी धरपकड़ दल प्रतिदिन दो पालियों में कार्य कर रहा है। पकड़े गए मवेशियों को काजी हाउस में रखा जा रहा है। रात के समय सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों को हटाने के साथ बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त मवेशियों को आरोग्यम गौशाला पहुंचाया जा रहा है। मवेशियों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए उनके गले में रेडियम पट्टी और सींगों पर रेडियम टेप भी लगाया जा रहा है।
इससे रात के समय वाहन चालकों को मवेशी दूर से दिखाई देने में मदद मिलेगी। बारिश के दौरान जर्जर भवनों से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए नगर निगम द्वारा टीम गठित कर जर्जर भवनों एवं मकानों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर जर्जर भवनों को सूचीबद्ध कर संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। भवन मालिकों को जर्जर भवनों को डिस्मेंटल करने अथवा खाली करने के संबंध में समझाईश दी जा रही है। नोटिस के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। खरखरा जलाशय से राजनांदगांव तक पानी लाने के लिए अमृत मिशन अंतर्गत पाइपलाइन बिछाई गई है। वर्तमान में जलाशय की ऊंचाई बढ़ाए जाने के बाद ही वहां से पानी प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए बालोद जल संसाधन विभाग द्वारा विभागीय प्रक्रिया की जा रही है।
शहर में गर्मी के दिनों में शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए वर्तमान में मोगरा और मटियामोती से पानी लिया जाता है। शहर में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए अमृत मिशन अंतर्गत पाइपलाइन विस्तार और टंकी निर्माण के कार्य किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पेयजल की आवश्यकता है, वहां शासन की स्वीकृति के अनुसार पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी किया जा रहा है। चौपाटी रोड के किनारे नगर निगम द्वारा पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर आवश्यकतानुसार पेचवर्क एवं मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। शहर के दोनों बस स्टैण्ड पुराने होने के कारण वहां आवश्यक मरम्मत एवं जीर्णोद्धार की जरूरत को देखते हुए नगर निगम द्वारा कार्यवाही की जा रही है। पुराने बस स्टैण्ड में कॉम्प्लेक्स निर्माण के साथ जीर्णोद्धार के लिए विभागीय प्रक्रिया जारी है। नए बस स्टैण्ड का महापौर श्री मधुसूदन यादव द्वारा निरीक्षण किया गया है।
उन्होंने जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर कार्य का क्रियान्वयन किया जाएगा। वर्तमान में बस स्टैण्ड परिसर में साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है। अत्यधिक बारिश के कारण महावीर चौक में सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भरने की स्थिति को देखते हुए पानी की निकासी कराई गई है। इसके साथ ही गड्ढों की मरम्मत एवं पेचवर्क का कार्य भी किया जा रहा है। कलेक्टोरेट के पीछे जमा डंप कचरे को उठाकर साफ-सफाई कराई जा रही है। आसपास के रहवासियों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं डालने तथा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा देने के लिए समझाईश दी जा रही है।
बारिश के दौरान पानी की समुचित निकासी के लिए नालियों की सफाई के समय कुछ ढक्कन हटाए गए थे। इस दौरान क्षतिग्रस्त हुए ढक्कनों की मरम्मत नगर निगम के संबंधित विभाग द्वारा कराई जाएगी। निगम द्वारा जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। नगर निगम द्वारा लावारिस एवं आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें पकडऩे की कार्रवाई की जाती है। साथ ही कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए उनका नसबंदी अभियान भी संचालित किया जा रहा है। इससे शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।



