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“जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा जलभराव”

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जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा जलभराव

छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश का असर अब नदियों और जलाशयों पर दिखने लगा है। धमतरी जिले में महानदी का जलस्तर बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग ने शनिवार शाम गंगरेल बांध के 6 गेट खोल दिए। बांध से करीब 33 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार बांध के कैचमेंट एरिया से लगातार पानी की आवक बनी हुई है। इसी वजह से जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए गेट खोलने का फैसला लिया गया। गंगरेल बांध में फिलहाल जलभराव 94 फीसदी तक पहुंच गया है। बारिश की तेज रफ्तार के चलते 11 सितंबर की आधी रात गंगरेल बांध के 9 गेट खोलने पड़े थे। उस समय बांध से करीब 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे महानदी के आसपास के इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। धमतरी के त्रिवेणी संगम क्षेत्र में भी नदी का बहाव तेज हो गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। निचले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रदेश के कई जलाशय लबालब

बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के कई बड़े जलाशयों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है। प्रदेश के 46 प्रमुख जलाशयों में से 25 में जलभराव 90 फीसदी से ज्यादा पहुंच चुका है। इनमें से 7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कई बांधों में लगातार पानी की आवक जारी है। प्रशासन की नजर उन इलाकों पर है जहां जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश

पिछले 24 घंटे में दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश मनेरा क्षेत्र में करीब 140 मिमी दर्ज हुई। कई अन्य इलाकों में भी 100 मिमी तक बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश भी हो सकती है।

अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश

मानसून की शुरुआत से 12 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में करीब 1001 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य बारिश के आसपास है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और जलाशयों के पास जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।