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दो सालों में चार बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना… चार दिशाओं में विकसित होंगे इकोनॉमिक कॉरिडोर …

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को केंद्र मानकर आने वाले दो सालों में चार बड़े इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाने की योजना है। इन कॉरिडोर के तैयार होने के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन आसान होगा और उद्योग, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

योजना के तहत भोपाल से रायपुर का सफर करीब 15 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे रह जाएगा। वहीं भोपाल से जबलपुर की यात्रा का समय भी 6 घंटे से कम होकर करीब 3 घंटे हो जाएगा।

चार दिशाओं में विकसित होंगे इकोनॉमिक कॉरिडोर

भोपाल को केंद्र बनाकर चार प्रमुख दिशाओं में इकोनॉमिक कॉरिडोर विकसित किए जाने की तैयारी है। इनका उद्देश्य शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना और औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है।

बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से माल परिवहन तेज होगा और व्यापारियों व उद्योगों को कम समय में सामान पहुंचाने की सुविधा मिलेगी। इससे निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

भोपाल-रायपुर सफर होगा आसान

भोपाल से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर तक पहुंचने में वर्तमान में करीब 15 घंटे का समय लगता है। नए कॉरिडोर के बनने के बाद यह दूरी लगभग 7 घंटे में पूरी हो सकेगी।

इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। उद्योगों को कच्चे माल और बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी, वहीं यात्रियों के लिए भी सफर अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

भोपाल-जबलपुर यात्रा में लगेगा आधा समय

भोपाल से जबलपुर जाने में अभी करीब 6 घंटे लगते हैं। प्रस्तावित कॉरिडोर के तैयार होने के बाद यह यात्रा लगभग 3 घंटे में पूरी हो सकेगी।

जबलपुर क्षेत्र के उद्योग, पर्यटन और व्यापार को भी इससे फायदा मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों को राजधानी भोपाल से जोड़ने में मदद मिलेगी।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

इकोनॉमिक कॉरिडोर केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि इनके आसपास औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।

सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से प्रदेश में निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों। तेज परिवहन व्यवस्था से उद्योगों की लागत कम होने और उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य

इन कॉरिडोर को अगले दो साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सड़क निर्माण, कनेक्टिविटी सुधार और संबंधित बुनियादी ढांचे को विकसित करने का काम किया जाएगा।

भोपाल को केंद्र बनाकर तैयार होने वाले ये कॉरिडोर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि मध्य प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।