2025-2026 फाइनेंशियल ईयर में भारत का सालाना डिफेंस प्रोडक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. 2020-2021 में यह आंकड़ा 84,643 करोड़ रुपये था.
भारत ने इस बार अपने रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है. रक्षा मंत्रालय ने बुधवार (17 जून) को बताया कि 2025-2026 फाइनेंशियल ईयर में भारत का सालाना डिफेंस प्रोडक्शन (रक्षा उत्पादन) 1.78 लाख करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया. इसमें पिछले फाइनेंशियल ईयर के 1.54 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन के मुकाबले 15.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है.
साल 2020-2021 में यह आंकड़ा 84,643 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले इस बार 110 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई है. देश में होने वाला रक्षा उत्पादन फाइनेंशियल ईयर 2013-2014 के 43,746 करोड़ रुपये से लगभग 4 गुना अधिक बढ़ गया है. कुल प्रोडक्शन में सरकारी उपक्रमों और अन्य PSU की हिस्सेदारी लगभग 76 प्रतिशत थी, जबकि प्राइवेट सेक्टर का योगदान 24 प्रतिशत रहा. यह वित्त वर्ष 2024 के 22 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो गया है.
पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि पिछले दशक में आत्मनिर्भरता के विजन, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी व स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग की मदद से भारत की रक्षा क्षमताओं में बड़ा बदलाव आया है. पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है.
सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव देखा है. उन्होंने बताया कि आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसी निर्णायक कार्रवाइयों के साथ भारत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उसकी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
‘पिछले 12 वर्षों में अधिक मजबूत हुआ भारत‘
राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के हमारे संकल्प ने स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत किया है. हमारी सशस्त्र सेनाओं को आधुनिक बनाया है और जमीन, समुद्र, हवा, साइबर और अंतरिक्ष क्षेत्रों में हमारी तैयारी को पहले से काफी बेहतर किया है. उन्होंने आगे कहा कि पिछले 12 वर्षों का सफर एक मजबूत, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और अधिक आत्मविश्वास से भरे भारत को दर्शाता है, जो अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और एक प्रमुख वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने के लिए तैयार है.



