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Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार महंगा हो रहा सोना, ₹1910 बढ़े दाम, खरीदारी से पहले जानें गोल्ड रेट’

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Gold Rate Today 12 April 2026: देश में सोने-चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज हलचल देखने को मिल रही है। बीते एक हफ्ते में 24 कैरेट सोना ₹1910 तक महंगा हो चुका है, जबकि 22 कैरेट गोल्ड में ₹1750 की बढ़त दर्ज की गई है।

12 अप्रैल 2026 को दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,52,990 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जबकि मुंबई में इसका भाव ₹1,52,840 है। वहीं चांदी ने भी रफ्तार पकड़ ली है और एक हफ्ते में ₹10,000 तक महंगी हो चुकी है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समय काफी अहम माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत 4,777.17 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है, जिसका सीधा असर घरेलू बाजार पर दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और डॉलर में उतार-चढ़ाव की वजह से सोने की कीमतों में यह तेजी बनी हुई है।

”Gold Price In India: 12 अप्रैल 2026: भारत के 20 बड़े शहरों में गोल्ड रेट”  शहर 24 कैरेट (10g) 22 कैरेट (10g) 18 कैरेट (10g)”

  • दिल्ली ₹1,52,990 ₹1,40,250 ₹1,13,130
  • मुंबई ₹1,52,840 ₹1,40,100 ₹1,13,000
  • कोलकाता ₹1,52,840 ₹1,40,100 ₹1,13,000
  • चेन्नई ₹1,53,820 ₹1,41,000 ₹1,13,800
  • बेंगलुरु ₹1,52,840 ₹1,40,100 ₹1,13,000
  • पुणे ₹1,52,840 ₹1,40,100 ₹1,13,000
  • हैदराबाद ₹1,52,840 ₹1,40,100 ₹1,13,000

चांदी का ताजा भाव (Silver Rate Today)

चांदी की कीमत भी तेजी से बढ़ी है। 12 अप्रैल को इसका भाव ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। इससे पहले दिल्ली सर्राफा बाजार में इसमें ₹3,800 की तेजी देखी गई थी। ग्लोबल मार्केट में चांदी 75.91 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही है।

इस साल कितना महंगा हुआ सोना-चांदी?

2026 में अब तक सोना ₹17,132 तक महंगा हो चुका है। साल की शुरुआत में जहां 10 ग्राम सोना ₹1.33 लाख था, अब ₹1.50 लाख के पार पहुंच चुका है। वहीं चांदी भी ₹9,514 तक चढ़ चुकी है। जनवरी में चांदी ने ₹4 लाख प्रति किलो का रिकॉर्ड भी छुआ था।

कैसे तय होते हैं सोने-चांदी के दाम?

भारत में सोने और चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार का ट्रेंड, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, ब्याज दरें, महंगाई और जियो-पॉलिटिकल तनाव अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा स्थानीय मांग, शादी का सीजन और आयात शुल्क (Import Duty) भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि कभी अचानक तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिलती है।